सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ समन्वित कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। Narco Coordination Centre (NCORD) की जिला स्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, निगरानी बढ़ाने, नियमित जांच अभियान चलाने और जनजागरूकता कार्यक्रमों को तेज करने का निर्णय लिया गया।
अररिया। सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने और नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को Narco Coordination Centre (NCORD) की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार ने की। बैठक में सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था, अवैध तस्करी पर निगरानी, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा जनजागरूकता अभियानों की समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिला औषधि निरीक्षक को निर्देश दिया कि एसएसबी, पुलिस एवं मद्य निषेध विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जिले की औषधि दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं के अवैध उपयोग और बिक्री पर प्रभावी निगरानी बनाए रखना आवश्यक है।
बैठक के दौरान अधीक्षक मद्य निषेध को एसएसबी द्वारा चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही एसएसबी और पुलिस विभाग को सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त रूप से सघन अभियान चलाकर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल नेटवर्क की पहचान करने, गिरफ्तारी और जब्ती की कार्रवाई तेज करने तथा मुख्य आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष निगरानी के निर्देश
जिला कृषि पदाधिकारी को भी सीमावर्ती क्षेत्रों में कृषि से जुड़े किसी भी संदिग्ध अथवा अवैध भंडारण पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया। आवश्यकता पड़ने पर एसएसबी और पुलिस विभाग के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर समय रहते रोक लगाई जा सके।
बैठक में पुलिस विभाग, मद्य निषेध विभाग, एसएसबी, आईबी और अन्य संबंधित एजेंसियों को नशा मुक्ति अभियान को और व्यापक बनाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के संबंध में विद्यालयों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। इसके साथ ही नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में समयबद्ध अनुसंधान कर न्यायालय में शीघ्र आरोप पत्र समर्पित करने पर भी जोर दिया गया।
जनसहभागिता से नशा मुक्त समाज बनाने पर जोर
बैठक में जिला पंचायत राज पदाधिकारी और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नशा विरोधी जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। आम लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी देने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने में जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सीमावर्ती जिले होने के कारण सभी संबंधित एजेंसियों को पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करना होगा। विभागों के बीच बेहतर समन्वय, सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से ही नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर नियमित समीक्षा और समन्वित कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, समादेष्टा एसएसबी 52वीं एवं 56वीं वाहिनी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला आईबी पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला औषधि निरीक्षक, विशेष शाखा पुलिस पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
