जहाँ हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी थी, वहीं से दर्द की सदा आई, सवाल तो उठेंगे साहब, जब रक्षक ही भक्षक की ज़द में आए।
अररिया (बिहार):
बिहार के अररिया जिले अंतर्गत रानीगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था की साख और वर्दी के अनुशासन पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। रानीगंज अंचल कार्यालय में पदस्थापित अंचल गार्ड (होमगार्ड जवान) चंदन कुमार साह के साथ कथित तौर पर थाना परिसर/पूछताछ के दौरान हुई मारपीट के मामले ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। गंभीर रूप से घायल जवान का इलाज इस वक्त सदर अस्पताल, अररिया में चल रहा है।
3 अगस्त की घटना: दर्द और बेबसी का बयान
पीड़ित होमगार्ड जवान चंदन कुमार साह के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को रानीगंज थाना क्षेत्र में पूछताछ के नाम पर उन्हें बुलाया गया था। आरोप है कि थाना प्रभारी एवं उनके साथ मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस घटना में जवान को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं, जिसके बाद उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई।
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और साथी जवानों की तत्परता से चंदन को तुरंत रानीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी नाज़ुक हालत को देखते हुए सदर अस्पताल अररिया रेफर कर दिया, जहाँ वे फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में हैं। स्थिति की गंभीरता का सही आकलन करने के लिए सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसी जाँचें कराई जा रही हैं।
होमगार्ड संघ का आक्रोश: ‘न्याय नहीं तो आंदोलन’
इस घटना के सामने आते ही होमगार्ड संगठन में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। होमगार्ड संघ के अध्यक्ष बबलू झा ने तीखे तेवरों में कहा:
“ड्यूटी पर तैनात एक जवान के साथ इस तरह का व्यवहार न सिर्फ़ निंदनीय है, बल्कि अमानवीय है। यदि मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन शांत नहीं बैठेगा। न्याय के लिए धरना-प्रदर्शन सहित तमाम लोकतांत्रिक और उग्र आंदोलनों का रास्ता अपनाया जाएगा।”
प्रशासनिक पक्ष: SDPO सुशील कुमार का बयान
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो SDPO (सुशील कुमार) ने निष्पक्ष जाँच की बात कही है।
पुलिस अधिकारी का कहना है:
“सोशल मीडिया के माध्यम से रानीगंज में पुलिस और अंचल में पदस्थापित होमगार्ड जवान के बीच कहासुनी और मारपीट का मामला संज्ञान में आया है। होमगार्ड जवान के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना है। मैंने आंतरिक स्तर पर थाना प्रभारी से तथ्यों की जानकारी ली है।
फिलहाल होमगार्ड की तरफ से कोई आधिकारिक लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही कोई लिखित शिकायत मिलती है, पूरे तथ्यों की निष्पक्ष जाँच की जाएगी। इसके अलावा, यह बात भी संज्ञान में आई है कि ड्यूटी स्थल (अंचल/पशु अस्पताल परिसर) पर सुरक्षा में लापरवाही, अनुपस्थिति या असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें रहती हैं। हम सभी बिंदुओं पर तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) के साथ जाँच करेंगे और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।”
पत्रकारिता का धर्म: निष्पक्षता और सवाल 
The Viral News974 हमेशा से जनहित और सत्य की बुनियाद पर खड़ा रहा है। पुलिस प्रशासन चाहे अपनी सफ़ाई में जो तर्क दे, लेकिन सवाल यह उठना लाज़मी है कि क्या रक्षक ही जब आपस में उलझेंगे, तो आम जनता खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगी? निष्पक्ष प्रशासनिक जाँच के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेगा।
हम इस पूरे घटनाक्रम और जाँच की हर अपडेट पर अपनी पैनी नज़र बनाए हुए हैं।
रिपोर्ट: विशेष संवाददाता, The Viral News974
(सच्चाई के साथ, निर्भीक पत्रकारिता का चौथा स्तंभ)
